जेन नेक्स्ट संवाद में Gen-Z और Gen-Alpha से रूबरू हुए CM साय; बोले—बड़े सपने देखिए, लक्ष्य तय कर मेहनत से उन्हें हासिल कीजिए

‘सरपंच भी बनूंगा, कभी सोचा नहीं था…’ CM साय ने युवाओं से साझा की संघर्ष से मुख्यमंत्री तक की कहानी
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। गांव के एक छोटे से स्कूल से शुरू हुआ सफर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचेगा, यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को युवाओं के साथ संवाद के दौरान अपने जीवन के संघर्षों और राजनीतिक सफर की कहानी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह कल्पना नहीं की थी कि वह सरपंच भी बनेंगे, लेकिन जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाते हुए जीवन उन्हें मुख्यमंत्री पद तक ले आया।
रायपुर के सड्डू में आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद—Young Minds, Meaningful Conversations’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Gen-Z और Gen-Alpha के विद्यार्थियों से सीधे रूबरू हुए। युवाओं ने उनसे शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, जल संरक्षण, राजनीति, आर्थिक विकास और उनके निजी जीवन से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में सवालों के जवाब दिए और युवाओं को बड़े लक्ष्य तय करने तथा लगातार मेहनत करने का संदेश दिया।
10 साल की उम्र में पिता को खोया, परिवार की जिम्मेदारी संभाली
मुख्यमंत्री ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि वह जशपुर के बगिया जैसे छोटे गांव में पले-बढ़े। करीब 10 वर्ष की उम्र में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।
उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभालते हुए छोटे भाइयों और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाया। उस दौर में उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ेंगे।
लेकिन गांव की जिम्मेदारी से शुरू हुआ सफर धीरे-धीरे सरपंच → विधायक → सांसद → केंद्रीय राज्यमंत्री → मुख्यमंत्री तक पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि उन्होंने जीवन में ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को अपनाया और जो जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाने का प्रयास किया।
CM साय बोले—सपने देखिए, लेकिन लक्ष्य भी तय कीजिए
युवाओं को संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए समय की कीमत समझना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने वर्तमान समय का सदुपयोग करते हुए भविष्य की मजबूत नींव तैयार करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर युवा अपनी रुचि पहचाने, उसी के अनुरूप लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ काम करे।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ था—बड़ा सपना देखिए, लक्ष्य तय कीजिए और फिर उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कीजिए।
‘जल है तो कल है’, युवाओं से जल संरक्षण का आह्वान
जल संरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल है तो कल है।’ उन्होंने विद्यार्थियों से वर्षा जल संचयन को घर, स्कूल और समाज में बढ़ावा देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के 5 प्रतिशत मॉडल और राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने की जरूरत है।
पहले पांचवीं की परीक्षा के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था
मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन और आज के शिक्षा परिदृश्य के बीच का अंतर भी युवाओं के सामने रखा।
उन्होंने बताया कि जब वह बगिया के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे, तब पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था। कई किलोमीटर दूर जाकर पांच दिनों तक वहां रुकना पड़ता था। स्कूल भवन भी कच्चे होते थे और बारिश में छत से पानी टपकता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसर तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब 15 मेडिकल कॉलेज हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 17 प्रयास विद्यालय
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि PM SHRI योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का विजन
प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर प्रदेश की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं को छत्तीसगढ़ के भविष्य का महत्वपूर्ण भाग बताते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार प्रदेश को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
PM मोदी के नेतृत्व और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति और विभिन्न सरकारी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को जनभागीदारी से जुड़ा बड़ा बदलाव बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने अपने हालिया सिंगापुर दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से हुई बातचीत में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का उल्लेख भी सामने आया।
भक्ति गीतों पर युवाओं के साथ CM ने लिया आनंद
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के तहत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया।
इस दौरान खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया गया।
जेन नेक्स्ट संवाद में मुख्यमंत्री का संदेश एक लाइन में यही रहा—आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि भविष्य के भारत और छत्तीसगढ़ का निर्माण करने वाली शक्ति है।
